अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला पर कथित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद venezuela के राष्ट्रपति Nicolás Maduro को हिरासत में ले लिया गया है। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा
अमेरिकी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क स्थित Stewart Air National Guard Base लाया गया, जिसके बाद उन्हें ब्रुकलिन के Metropolitan Detention Center में रखा गया। इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हिरासत की प्रक्रिया गोपनीयता के साथ पूरी की गई।
USS इवो जिमा की तस्वीर और विवाद
ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर USS Iwo Jima पर मादुरो की आंखों पर पट्टी बंधी हुई एक तस्वीर साझा करने का दावा किया था। इस तस्वीर की प्रामाणिकता पर कई विशेषज्ञों और पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं। अब तक न तो अमेरिकी रक्षा विभाग और न ही न्याय विभाग ने इस तस्वीर या हिरासत की औपचारिक पुष्टि की है।
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“अमेरिका venezuela को तब तक चलाएगा” — ट्रंप
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका venezuela को तब तक “चलाएगा” जब तक वहां “एक सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव” नहीं हो जाता। इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। आलोचकों का कहना है कि यह भाषा venezuela की संप्रभुता पर सीधा सवाल खड़ा करती है।
विश्लेषण: लोकतंत्र या तेल?
हमारे संवाददाता टॉम बेटमैन के मुताबिक, ट्रंप की टिप्पणियां कुछ लोगों को यह संकेत दे सकती हैं कि उनका उद्देश्य venezuela को लोकतांत्रिक या न्यायपूर्ण भविष्य की ओर ले जाना नहीं, बल्कि देश के विशाल तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाना हो सकता है। यही वजह है कि लैटिन अमेरिका और यूरोप के कई विश्लेषक इस दावे को संदेह की नजर से देख रहे हैं।
Venezuela की प्रतिक्रिया: आपातकाल घोषित
( venezuela ) काराकस ने इन घटनाक्रमों को “बेहद गंभीर सैन्य हमला” करार देते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। सरकार का कहना है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हुआ है और वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाएगी।
स्थिति स्पष्ट नहीं, पुष्टि बाकी
फिलहाल, मादुरो की हिरासत और अमेरिकी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि का अभाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला या तो एक बड़े कूटनीतिक टकराव की ओर बढ़ सकता है, या फिर यह सूचना-युद्ध (information warfare) का हिस्सा भी हो सकता है। आने वाले घंटों और दिनों में वाशिंगटन और caracas से आने वाले आधिकारिक बयानों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।




